प्रकाशितवाक्य ११:१६
और चौबीसों प्राचीन जो परमेश्वर के सामने अपने-अपने सिंहासन पर बैठे थे, मुँह के बल गिरकर परमेश्वर को दण्डवत् करके,प्रकाशितवाक्य ११:१६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 11:16
- The twenty-four elders, who sit on their thrones before God’s throne, fell on their faces and worshiped God,
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૧૧:૧૬
- જે ચોવીસ વડીલો ઈશ્વરની આગળ પોતાનાં સિંહાસન પર બેઠા હતા તેઓએ દંડવત પ્રણામ કરીને ઈશ્વરનું ભજન કરતાં કહ્યું કે,
संदर्भ में
१४दूसरी विपत्ति बीत चुकी; तब, तीसरी विपत्ति शीघ्र आनेवाली है।
१५जब सातवें स्वर्गदूत ने तुरही फूँकी, तो स्वर्ग में इस विषय के बड़े-बड़े शब्द होने लगे: “जगत का राज्य हमारे प्रभु का और उसके मसीह का हो गया और वह युगानुयुग राज्य करेगा।” (दानि. 7:27, जक. 14:9)
१६और चौबीसों प्राचीन जो परमेश्वर के सामने अपने-अपने सिंहासन पर बैठे थे, मुँह के बल गिरकर परमेश्वर को दण्डवत् करके,
१७यह कहने लगे, “हे सर्वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर, जो है और जो था , हम तेरा धन्यवाद करते हैं कि तूने अपनी बड़ी सामर्थ्य को काम में लाकर राज्य किया है। (प्रका. 1:8)
१८अन्यजातियों ने क्रोध किया, और तेरा प्रकोप आ पड़ा और वह समय आ पहुँचा है कि मरे हुओं का न्याय किया जाए, और तेरे दास भविष्यद्वक्ताओं और पवित्र लोगों को और उन छोटे-बड़ों को जो तेरे नाम से डरते हैं, बदला दिया जाए, और पृथ्वी के बिगाड़नेवाले नाश किए जाएँ।” (प्रका. 19:5)
