प्रकाशितवाक्य १४:१५
फिर एक और स्वर्गदूत ने मन्दिर में से निकलकर, उससे जो बादल पर बैठा था, बड़े शब्द से पुकारकर कहा, “अपना हँसुआ लगाकर लवनी कर, क्योंकि लवने का समय आ पहुँचा है, इसलिए कि पृथ्वी की खेती पक चुकी है।”प्रकाशितवाक्य १४:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 14:15
- Another angel came out of the temple, crying with a loud voice to him who sat on the cloud, “Send your sickle and reap, for the hour to reap has come; for the harvest of the earth is ripe!”
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૧૪:૧૫
- પછી ભક્તિસ્થાનમાંથી બીજા એક સ્વર્ગદૂતે બહાર આવીને વાદળાં પર બેઠેલા પુરુષ ને મોટા અવાજે હાંક મારી કે, ‘તમે તમારું દાતરડું ચલાવીને કાપો, કેમ કે કાપણીનો સમય આવ્યો છે, અને પૃથ્વીની ફસલ પૂરેપૂરી પાકી ગઈ છે.’”
संदर्भ में
१३और मैंने स्वर्ग से यह शब्द सुना, “लिख: जो मृतक प्रभु में मरते हैं, वे अब से धन्य हैं।” आत्मा कहता है, “हाँ, क्योंकि वे अपने परिश्रमों से विश्राम पाएँगे, और उनके कार्य उनके साथ हो लेते हैं।”
१४मैंने दृष्टि की, और देखो, एक उजला बादल है, और उस बादल पर मनुष्य के पुत्र सदृश्य कोई बैठा है, जिसके सिर पर सोने का मुकुट और हाथ में उत्तम हँसुआ है। (दानि. 10:16)
१५फिर एक और स्वर्गदूत ने मन्दिर में से निकलकर, उससे जो बादल पर बैठा था, बड़े शब्द से पुकारकर कहा, “अपना हँसुआ लगाकर लवनी कर, क्योंकि लवने का समय आ पहुँचा है, इसलिए कि पृथ्वी की खेती पक चुकी है।”
१६अतः जो बादल पर बैठा था, उसने पृथ्वी पर अपना हँसुआ लगाया, और पृथ्वी की लवनी की गई।
१७फिर एक और स्वर्गदूत उस मन्दिर में से निकला, जो स्वर्ग में है, और उसके पास भी उत्तम हँसुआ था।
