प्रकाशितवाक्य १४:५
और उनके मुँह से कभी झूठ न निकला था, वे निर्दोष हैं।प्रकाशितवाक्य १४:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 14:5
- In their mouth was found no lie, for they are blameless.
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૧૪:૫
- તેઓનાં મુખમાં અસત્ય નથી; તેઓ નિર્દોષ છે.
संदर्भ में
३और वे सिंहासन के सामने और चारों प्राणियों और प्राचीनों के सामने मानो, एक नया गीत गा रहे थे, और उन एक लाख चौवालीस हजार जनों को छोड़, जो पृथ्वी पर से मोल लिए गए थे, कोई वह गीत न सीख सकता था।
४ये वे हैं, जो स्त्रियों के साथ अशुद्ध नहीं हुए, पर कुँवारे हैं; ये वे ही हैं, कि जहाँ कहीं मेम्ना जाता है, वे उसके पीछे हो लेते हैं; ये तो परमेश्वर और मेम्ने के निमित्त पहले फल होने के लिये मनुष्यों में से मोल लिए गए हैं।
५और उनके मुँह से कभी झूठ न निकला था, वे निर्दोष हैं।
६फिर मैंने एक और स्वर्गदूत को आकाश के बीच में उड़ते हुए देखा जिसके पास पृथ्वी पर के रहनेवालों की हर एक जाति, कुल, भाषा, और लोगों को सुनाने के लिये सनातन सुसमाचार था।
७और उसने बड़े शब्द से कहा, “परमेश्वर से डरो, और उसकी महिमा करो, क्योंकि उसके न्याय करने का समय आ पहुँचा है; और उसकी आराधना करो, जिसने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जल के सोते बनाए।” (नहे. 9:6, प्रका. 4:11)
