प्रकाशितवाक्य १८:१७
घड़ी ही भर में उसका ऐसा भारी धन नाश हो गया।’ “और हर एक माँझी, और जलयात्री, और मल्लाह, और जितने समुद्र से कमाते हैं, सब दूर खड़े हुए,प्रकाशितवाक्य १८:१७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 18:17
- For in an hour such great riches are made desolate.’ Every ship master, and everyone who sails anywhere, and mariners, and as many as gain their living by sea, stood far away,
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૧૮:૧૭
- કેમ કે એક પળમાં એટલી મોટી સંપત્તિ નષ્ટ થઈ છે. અને સર્વ કપ્તાન, સર્વ મુસાફરો, ખલાસીઓ અને દરિયાઈ માર્ગે વેપાર કરનારા દૂર ઊભા રહ્યા છે.
संदर्भ में
१५इन वस्तुओं के व्यापारी जो उसके द्वारा धनवान हो गए थे, उसकी पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होंगे, और रोते और विलाप करते हुए कहेंगे,
१६‘हाय! हाय! यह बड़ा नगर जो मलमल, बैंगनी, लाल रंग के कपड़े पहने था, और सोने, रत्नों और मोतियों से सजा था;
१७घड़ी ही भर में उसका ऐसा भारी धन नाश हो गया।’ “और हर एक माँझी, और जलयात्री, और मल्लाह, और जितने समुद्र से कमाते हैं, सब दूर खड़े हुए,
१८और उसके जलने का धुआँ देखते हुए पुकारकर कहेंगे, ‘कौन सा नगर इस बड़े नगर के समान है?’ (यिर्म. 51:37)
१९और अपने-अपने सिरों पर धूल डालेंगे , और रोते हुए और विलाप करते हुए चिल्ला चिल्लाकर कहेंगे, ‘हाय! हाय! यह बड़ा नगर जिसकी सम्पत्ति के द्वारा समुद्र के सब जहाज वाले धनी हो गए थे, घड़ी ही भर में उजड़ गया।’ (यहे. 27:30)
