प्रकाशितवाक्य २२:२
उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी। नदी के इस पार और उस पार जीवन का पेड़ था; उसमें बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति-जाति के लोग चंगे होते थे। (यहे. 47:7)प्रकाशितवाक्य २२:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 22:2
- in the middle of its street. On this side of the river and on that was the tree of life, bearing twelve kinds of fruits, yielding its fruit every month. The leaves of the tree were for the healing of the nations.
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૨૨:૨
- એ નદીના બંને કિનારા પર જીવનનું વૃક્ષ હતું, તેને બાર પ્રકારનાં ફળ લાગતાં હતાં; દર માસે તે નવાં ફળ આપતું હતું; અને તે વૃક્ષ નાં પાંદડાં સર્વ પ્રજાઓને સાજાં કરવા માટે હતાં.
संदर्भ में
१फिर उसने मुझे बिल्लौर के समान झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी दिखाई, जो परमेश्वर और मेम्ने के सिंहासन से निकलकर,
२उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी। नदी के इस पार और उस पार जीवन का पेड़ था; उसमें बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति-जाति के लोग चंगे होते थे। (यहे. 47:7)
३फिर श्राप न होगा, और परमेश्वर और मेम्ने का सिंहासन उस नगर में होगा, और उसके दास उसकी सेवा करेंगे। (जक. 14:11)
४वे उसका मुँह देखेंगे , और उसका नाम उनके माथों पर लिखा हुआ होगा।
