प्रकाशितवाक्य ९:१९
क्योंकि उन घोड़ों की सामर्थ्य उनके मुँह, और उनकी पूँछों में थी ; इसलिए कि उनकी पूँछे साँपों की जैसी थीं, और उन पूँछों के सिर भी थे, और इन्हीं से वे पीड़ा पहुँचाते थे।प्रकाशितवाक्य ९:१९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 9:19
- For the power of the horses is in their mouths and in their tails. For their tails are like serpents, and have heads; and with them they harm.
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૯:૧૯
- કેમ કે ઘોડાઓની શક્તિ તેઓનાં મોંમાં તથા તેઓની પૂંછડીઓમાં છે; કારણ કે તેઓનાં પૂંછડાં સાપના જેવા છે, અને તેઓને માથાં હોય છે જેથી તેઓ ઉપદ્રવ કરે છે.
संदर्भ में
१७और मुझे इस दर्शन में घोड़े और उनके ऐसे सवार दिखाई दिए, जिनकी झिलमें आग, धूम्रकान्त, और गन्धक की जैसी थीं, और उन घोड़ों के सिर सिंहों के सिरों के समान थे: और उनके मुँह से आग, धुआँ, और गन्धक निकलते थे।
१८इन तीनों महामारियों; अर्थात् आग, धुएँ, गन्धक से, जो उसके मुँह से निकलते थे, मनुष्यों की एक तिहाई मार डाली गई।
१९क्योंकि उन घोड़ों की सामर्थ्य उनके मुँह, और उनकी पूँछों में थी ; इसलिए कि उनकी पूँछे साँपों की जैसी थीं, और उन पूँछों के सिर भी थे, और इन्हीं से वे पीड़ा पहुँचाते थे।
२०बाकी मनुष्यों ने जो उन महामारियों से न मरे थे, अपने हाथों के कामों से मन न फिराया, कि दुष्टात्माओं की, और सोने, चाँदी, पीतल, पत्थर, और काठ की मूर्तियों की पूजा न करें, जो न देख, न सुन, न चल सकती हैं। (1 इति. 34:25)
२१और जो खून, और टोना, और व्यभिचार, और चोरियाँ, उन्होंने की थीं, उनसे मन न फिराया।
