रोमियों १:२७
वैसे ही पुरुष भी स्त्रियों के साथ स्वाभाविक व्यवहार छोड़कर आपस में कामातुर होकर जलने लगे, और पुरुषों ने पुरुषों के साथ निर्लज्ज काम करके अपने भ्रम का ठीक फल पाया। (लैव्य. 18:22, लैव्य. 20:13)रोमियों १:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Romans 1:27
- Likewise also the men, leaving the natural function of the woman, burned in their lust toward one another, men doing what is inappropriate with men, and receiving in themselves the due penalty of their error.
- ગુજરાતી — રોમનોને પત્ર ૧:૨૭
- અને તે રીતે, પુરુષો પણ સ્ત્રીઓ સાથેનો સ્વાભાવિક વ્યવહાર છોડીને તેઓની દુષ્ટ ઇચ્છાઓમાં એકબીજાની સાથે લાલસામાં લપટાયા, એટલે પુરુષોએ પુરુષો સાથે અઘટિત વ્યવહાર કર્યો અને તેઓ પોતાની ભૂલની યોગ્ય શિક્ષા પોતાનામાં પામ્યા.
संदर्भ में
२५क्योंकि उन्होंने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला, और सृष्टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन। (यिर्म. 13:25, यिर्म. 16:19)
२६इसलिए परमेश्वर ने उन्हें नीच कामनाओं के वश में छोड़ दिया; यहाँ तक कि उनकी स्त्रियों ने भी स्वाभाविक व्यवहार को उससे जो स्वभाव के विरुद्ध है, बदल डाला।
२७वैसे ही पुरुष भी स्त्रियों के साथ स्वाभाविक व्यवहार छोड़कर आपस में कामातुर होकर जलने लगे, और पुरुषों ने पुरुषों के साथ निर्लज्ज काम करके अपने भ्रम का ठीक फल पाया। (लैव्य. 18:22, लैव्य. 20:13)
२८जब उन्होंने परमेश्वर को पहचानना न चाहा, तो परमेश्वर ने भी उन्हें उनके निकम्मे मन पर छोड़ दिया; कि वे अनुचित काम करें।
२९वे सब प्रकार के अधर्म, और दुष्टता, और लोभ, और बैर-भाव से भर गए; और डाह, और हत्या, और झगड़े, और छल, और ईर्ष्या से भरपूर हो गए, और चुगलखोर,
