रोमियों ११:८
जैसा लिखा है, “परमेश्वर ने उन्हें आज के दिन तक मंदता की आत्मा दे रखी है और ऐसी आँखें दी जो न देखें और ऐसे कान जो न सुनें।” (व्यव. 29:4, यशा. 6:9,10, यशा. 29:10, यहे. 12:2)रोमियों ११:८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Romans 11:8
- According as it is written, “God gave them a spirit of stupor, eyes that they should not see, and ears that they should not hear, to this very day.”
- ગુજરાતી — રોમનોને પત્ર ૧૧:૮
- જેમ લખેલું છે તેમ કે, ‘ઈશ્વરે તેઓને આજદિન સુધી મંદબુદ્ધિનો આત્મા, જોઈ ન શકે તેવી આંખો તથા સાંભળી ન શકે તેવા કાન આપ્યા છે.
संदर्भ में
६यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा।
७फिर परिणाम क्या हुआ? यह कि इस्राएली जिसकी खोज में हैं, वह उनको नहीं मिला; परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं।
८जैसा लिखा है, “परमेश्वर ने उन्हें आज के दिन तक मंदता की आत्मा दे रखी है और ऐसी आँखें दी जो न देखें और ऐसे कान जो न सुनें।” (व्यव. 29:4, यशा. 6:9,10, यशा. 29:10, यहे. 12:2)
९और दाऊद कहता है, “उनका भोजन उनके लिये जाल, और फंदा, और ठोकर, और दण्ड का कारण हो जाए।
१०उनकी आँखों पर अंधेरा छा जाए ताकि न देखें, और तू सदा उनकी पीठ को झुकाए रख।” (भज. 69:23)
