रोमियों १३:९
क्योंकि यह कि “व्यभिचार न करना, हत्या न करना, चोरी न करना, लालच न करना,” और इनको छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, “अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।” (निर्ग. 20:13-16, लैव्य. 19:18)रोमियों १३:९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Romans 13:9
- For the commandments, “You shall not commit adultery,” “You shall not murder,” “You shall not steal,” “You shall not covet,” and whatever other commandments there are, are all summed up in this saying, namely, “You shall love your neighbor as yourself.”
- ગુજરાતી — રોમનોને પત્ર ૧૩:૯
- કારણ કે ‘તારે વ્યભિચાર ન કરવો, ખૂન ન કરવું, ચોરી ન કરવી, લોભ ન રાખવો એવી જે આજ્ઞાઓ છે તેઓનો સાર આ વચનમાં સમાયેલો છે, ‘પોતાના પડોશી પર પ્રેમ રાખવો.’”
संदर्भ में
७इसलिए हर एक का हक़ चुकाया करो; जिसे कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे चुंगी चाहिए, उसे चुंगी दो; जिससे डरना चाहिए, उससे डरो; जिसका आदर करना चाहिए उसका आदर करो।
८आपस के प्रेम को छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है।
९क्योंकि यह कि “व्यभिचार न करना, हत्या न करना, चोरी न करना, लालच न करना,” और इनको छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, “अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।” (निर्ग. 20:13-16, लैव्य. 19:18)
१०प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिए प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है।
११और समय को पहचानकर ऐसा ही करो, इसलिए कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुँची है; क्योंकि जिस समय हमने विश्वास किया था, उस समय की तुलना से अब हमारा उद्धार निकट है।
