रोमियों ३:४
कदापि नहीं! वरन् परमेश्वर सच्चा और हर एक मनुष्य झूठा ठहरे, जैसा लिखा है, “जिससे तू अपनी बातों में धर्मी ठहरे और न्याय करते समय तू जय पाए।” (भज. 51:4, भज. 116:11)रोमियों ३:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Romans 3:4
- May it never be! Yes, let God be found true, but every man a liar. As it is written, “that you might be justified in your words, and might prevail when you come into judgment.”
- ગુજરાતી — રોમનોને પત્ર ૩:૪
- ના, એવું ન થાય; હા, દરેક મનુષ્ય જૂઠું ઠરે તોપણ ઈશ્વર સાચા ઠરો; જેમ લખેલું છે કે, ‘તમે પોતાનાં વચનોમાં ન્યાયી ઠરો, અને તમારો ન્યાય કરવામાં આવે ત્યારે તમારો વિજય થાય.’”
संदर्भ में
२हर प्रकार से बहुत कुछ। पहले तो यह कि परमेश्वर के वचन उनको सौंपे गए। (रोम. 9:4)
३यदि कुछ विश्वासघाती निकले भी तो क्या हुआ? क्या उनके विश्वासघाती होने से परमेश्वर की सच्चाई व्यर्थ ठहरेगी?
४कदापि नहीं! वरन् परमेश्वर सच्चा और हर एक मनुष्य झूठा ठहरे, जैसा लिखा है, “जिससे तू अपनी बातों में धर्मी ठहरे और न्याय करते समय तू जय पाए।” (भज. 51:4, भज. 116:11)
५पर यदि हमारा अधर्म परमेश्वर की धार्मिकता ठहरा देता है, तो हम क्या कहें? क्या यह कि परमेश्वर जो क्रोध करता है अन्यायी है? (यह तो मैं मनुष्य की रीति पर कहता हूँ)।
६कदापि नहीं! नहीं तो परमेश्वर कैसे जगत का न्याय करेगा?
