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Methodist Church Nadiad
और जो मैं करता हूँ उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूँ वह नहीं किया करता, परन्तु जिससे मुझे घृणा आती है, वही करता हूँ।

रोमियों ७:१५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishRomans 7:15
For I don’t understand what I am doing. For I don’t practice what I desire to do; but what I hate, that I do.
ગુજરાતીરોમનોને પત્ર ૭:૧૫
કેમ કે હું જે કરું છું, તે હું સમજથી કરતો નથી, કારણ કે હું જે ઇચ્છું છું તે કરતો નથી, પણ જે હું ધિક્કારું છું તે કરું છું.

संदर्भ में

१३तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं! परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करनेवाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो, और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे।

१४क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शारीरिक हूँ और पाप के हाथ बिका हुआ हूँ।

१५और जो मैं करता हूँ उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूँ वह नहीं किया करता, परन्तु जिससे मुझे घृणा आती है, वही करता हूँ।

१६और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूँ, तो मैं मान लेता हूँ कि व्यवस्था भली है।

१७तो ऐसी दशा में उसका करनेवाला मैं नहीं, वरन् पाप है जो मुझ में बसा हुआ है।

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