रोमियों ७:७
तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है ? कदापि नहीं! वरन् बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहचानता व्यवस्था यदि न कहती, “लालच मत कर” तो मैं लालच को न जानता। (रोम. 3:20)रोमियों ७:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Romans 7:7
- What shall we say then? Is the law sin? May it never be! However, I wouldn’t have known sin except through the law. For I wouldn’t have known coveting unless the law had said, “You shall not covet.”
- ગુજરાતી — રોમનોને પત્ર ૭:૭
- ત્યારે આપણે શું કહીએ? શું નિયમશાસ્ત્ર પાપરૂપ છે? ના, એવું ન થાઓ; પરંતુ નિયમશાસ્ત્ર ન હોત તો મેં પાપ જાણ્યું ન હોત; કેમ કે નિયમશાસ્ત્રે જો કહ્યું ન હોત કે લોભ ન રાખ, તો હું લોભ વિષે સમજ્યો ન હોત.
संदर्भ में
५क्योंकि जब हम शारीरिक थे, तो पापों की अभिलाषाएँ जो व्यवस्था के द्वारा थीं, मृत्यु का फल उत्पन्न करने के लिये हमारे अंगों में काम करती थीं।
६परन्तु जिसके बन्धन में हम थे उसके लिये मरकर, अब व्यवस्था से ऐसे छूट गए, कि लेख की पुरानी रीति पर नहीं, वरन् आत्मा की नई रीति पर सेवा करते हैं।
७तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है ? कदापि नहीं! वरन् बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहचानता व्यवस्था यदि न कहती, “लालच मत कर” तो मैं लालच को न जानता। (रोम. 3:20)
८परन्तु पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझ में सब प्रकार का लालच उत्पन्न किया, क्योंकि बिना व्यवस्था के पाप मुर्दा है।
९मैं तो व्यवस्था बिना पहले जीवित था, परन्तु जब आज्ञा आई, तो पाप जी गया, और मैं मर गया।
