रोमियों ९:२७
और यशायाह इस्राएल के विषय में पुकारकर कहता है, “चाहे इस्राएल की सन्तानों की गिनती समुद्र के रेत के बराबर हो, तो भी उनमें से थोड़े ही बचेंगे। (यहे. 6:8)रोमियों ९:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Romans 9:27
- Isaiah cries concerning Israel, “If the number of the children of Israel are as the sand of the sea, it is the remnant who will be saved;
- ગુજરાતી — રોમનોને પત્ર ૯:૨૭
- વળી યશાયા ઇઝરાયલ સંબંધી ઘાંટો પાડીને કહે છે કે, જોકે ‘ઇઝરાયલના સંતાનોની સંખ્યા સમુદ્રની રેતીના જેટલી હોય, તોપણ તેનો શેષ જ ઉદ્ધાર પામશે’
संदर्भ में
२५जैसा वह होशे की पुस्तक में भी कहता है, “जो मेरी प्रजा न थी, उन्हें मैं अपनी प्रजा कहूँगा, और जो प्रिया न थी, उसे प्रिया कहूँगा; (होशे 2:23)
२६और ऐसा होगा कि जिस जगह में उनसे यह कहा गया था, कि तुम मेरी प्रजा नहीं हो, उसी जगह वे जीविते परमेश्वर की सन्तान कहलाएँगे।”
२७और यशायाह इस्राएल के विषय में पुकारकर कहता है, “चाहे इस्राएल की सन्तानों की गिनती समुद्र के रेत के बराबर हो, तो भी उनमें से थोड़े ही बचेंगे। (यहे. 6:8)
२८क्योंकि प्रभु अपना वचन पृथ्वी पर पूरा करके, धार्मिकता से शीघ्र उसे सिद्ध करेगा।”
२९जैसा यशायाह ने पहले भी कहा था, “यदि सेनाओं का प्रभु हमारे लिये कुछ वंश न छोड़ता, तो हम सदोम के समान हो जाते, और गमोरा के सरीखे ठहरते।” (यशा. 1:9)
