श्रेष्ठगीत ३:४
मुझ को उनके पास से आगे बढ़े थोड़े ही देर हुई थी कि मेरा प्राणप्रिय मुझे मिल गया। मैंने उसको पकड़ लिया, और उसको जाने न दिया जब तक उसे अपनी माता के घर अर्थात् अपनी जननी की कोठरी में न ले आई।श्रेष्ठगीत ३:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Song of Solomon 3:4
- I had scarcely passed from them, when I found him whom my soul loves. I held him, and would not let him go, until I had brought him into my mother’s house, into the room of her who conceived me.
- ગુજરાતી — ગીતોનું ગીત ૩:૪
- તેમનાંથી ફક્ત થોડે જ દૂર હું ગઈ એટલે મારો પ્રાણપ્રિય મને મળ્યો, જ્યાં સુધી હું તેને મારી માના ઘરમાં, મારી માતાના ઓરડામાં લાવી, ત્યાં સુધી મેં તેને પકડી રાખ્યો, તેને છોડ્યો નહિ.
संदर्भ में
२“मैंने कहा, मैं अब उठकर नगर में, और सड़कों और चौकों में घूमकर अपने प्राणप्रिय को ढूँढ़ूगी।” मैं उसे ढूँढ़ती तो रही, परन्तु उसे न पाया।
३जो पहरुए नगर में घूमते थे, वे मुझे मिले, मैंने उनसे पूछा, “क्या तुम ने मेरे प्राणप्रिय को देखा है?”
४मुझ को उनके पास से आगे बढ़े थोड़े ही देर हुई थी कि मेरा प्राणप्रिय मुझे मिल गया। मैंने उसको पकड़ लिया, और उसको जाने न दिया जब तक उसे अपनी माता के घर अर्थात् अपनी जननी की कोठरी में न ले आई।
५हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम से चिकारियों और मैदान की हिरनियों की शपथ धराकर कहती हूँ, कि जब तक प्रेम आप से न उठे, तब तक उसको न उकसाओं और न जगाओ। वधू
६यह क्या है जो धुएँ के खम्भे के समान, गन्धरस और लोबान से सुगन्धित, और व्यापारी की सब भाँति की बुकनी लगाए हुए जंगल से निकला आता है?
