श्रेष्ठगीत ५:२
मैं सोती थी, परन्तु मेरा मन जागता था। सुन! मेरा प्रेमी खटखटाता है, और कहता है, “हे मेरी बहन, हे मेरी प्रिय, हे मेरी कबूतरी, हे मेरी निर्मल, मेरे लिये द्वार खोल; क्योंकि मेरा सिर ओस से भरा है, और मेरी लटें रात में गिरी हुई बूँदों से भीगी हैं।” (प्रका. 3:20)श्रेष्ठगीत ५:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Song of Solomon 5:2
- I was asleep, but my heart was awake. It is the voice of my beloved who knocks: “Open to me, my sister, my love, my dove, my undefiled; for my head is filled with dew, and my hair with the dampness of the night.”
- ગુજરાતી — ગીતોનું ગીત ૫:૨
- હું સૂતી હોઉં છું પણ મારું હૃદય સ્વપ્નમાં જાગૃત હોય છે. એ મારા પ્રીતમનો સાદ છે તે દ્વાર ઠોકે છે અને કહે છે કે, “મારી બહેન, મારી પ્રિયતમા, મારી હોલી, મારી ગુણિયલ, મારે માટે દ્વાર ઉઘાડ, મારું માથું રાત્રીના ઝાકળથી ભીજાયેલું છે મારા વાળ રાતનાં ટીપાંથી પલળી ગયા છે.”
संदर्भ में
१हे मेरी बहन, हे मेरी दुल्हन, मैं अपनी बारी में आया हूँ, मैंने अपना गन्धरस और बलसान चुन लिया; मैंने मधु समेत छत्ता खा लिया, मैंने दूध और दाखमधु पी लिया। सहेलियाँ हे मित्रों, तुम भी खाओ, हे प्यारों, पियो, मनमाना पियो! वधू
२मैं सोती थी, परन्तु मेरा मन जागता था। सुन! मेरा प्रेमी खटखटाता है, और कहता है, “हे मेरी बहन, हे मेरी प्रिय, हे मेरी कबूतरी, हे मेरी निर्मल, मेरे लिये द्वार खोल; क्योंकि मेरा सिर ओस से भरा है, और मेरी लटें रात में गिरी हुई बूँदों से भीगी हैं।” (प्रका. 3:20)
३मैं अपना वस्त्र उतार चुकी थी मैं उसे फिर कैसे पहनूँ? मैं तो अपने पाँव धो चुकी थी अब उनको कैसे मैला करूँ?
४मेरे प्रेमी ने अपना हाथ किवाड़ के छेद से भीतर डाल दिया, तब मेरा हृदय उसके लिये उमड़ उठा।
