श्रेष्ठगीत ६:११
मैं अखरोट की बारी में उत्तर गई, कि तराई के फूल देखूँ, और देखूँ की दाखलता में कलियाँ लगीं, और अनारों के फूल खिले कि नहीं।श्रेष्ठगीत ६:११ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Song of Solomon 6:11
- I went down into the nut tree grove, to see the green plants of the valley, to see whether the vine budded, and the pomegranates were in flower.
- ગુજરાતી — ગીતોનું ગીત ૬:૧૧
- વસંતઋતુ ખીલી છે તે જોવા દ્રાક્ષવેલાને કૂંપળો ફૂટી છે કે કેમ; દાડમોને મોર આવ્યો છે કે કેમ; તે જોવા માટે હું અખરોટના બગીચામાં ગયો.
संदर्भ में
९परन्तु मेरी कबूतरी, मेरी निर्मल, अद्वितीय है अपनी माता की एकलौती, अपनी जननी की दुलारी है। पुत्रियों ने उसे देखा और धन्य कहा; रानियों और रखैलों ने देखकर उसकी प्रशंसा की।
१०यह कौन है जिसकी शोभा भोर के तुल्य है, जो सुन्दरता में चन्द्रमा और निर्मलता में सूर्य, और पताका फहराती हुई सेना के तुल्य भयंकर दिखाई देती है?
११मैं अखरोट की बारी में उत्तर गई, कि तराई के फूल देखूँ, और देखूँ की दाखलता में कलियाँ लगीं, और अनारों के फूल खिले कि नहीं।
१२मुझे पता भी न था कि मेरी कल्पना ने मुझे अपने राजकुमार के रथ पर चढ़ा दिया। सहेलियाँ
१३लौट आ, लौट आ, हे शूलेम्मिन , लौट आ, लौट आ, कि हम तुझ पर दृष्टि करें। वधू क्या तुम शूलेम्मिन को इस प्रकार देखोगे जैसा महनैम के नृत्य को देखते हैं?
