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Methodist Church Nadiad

1 कुरिन्थियों ७:३२

मैं यह चाहता हूँ, कि तुम्हें चिन्ता न हो। अविवाहित पुरुष प्रभु की बातों की चिन्ता में रहता है, कि प्रभु को कैसे प्रसन्न रखे।

1 कुरिन्थियों ७:३२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English1 Corinthians 7:32
But I desire to have you to be free from cares. He who is unmarried is concerned for the things of the Lord, how he may please the Lord;
ગુજરાતીકરિંથીઓને પહેલો પત્ર ૭:૩૨
પણ તમે ચિંતા કરો નહિ, એવી મારી ઇચ્છા છે. જેણે લગ્ન કરેલાં નથી તે પ્રભુની વાતોમાં તલ્લીન રહે છે, કે પ્રભુને કેવી રીતે મહિમા આપવો;

संदर्भ में

३०और रोनेवाले ऐसे हों, मानो रोते नहीं; और आनन्द करनेवाले ऐसे हों, मानो आनन्द नहीं करते; और मोल लेनेवाले ऐसे हों, कि मानो उनके पास कुछ है नहीं।

३१और इस संसार के साथ व्यवहार करनेवाले ऐसे हों, कि संसार ही के न हो लें; क्योंकि इस संसार की रीति और व्यवहार बदलते जाते हैं।

३२मैं यह चाहता हूँ, कि तुम्हें चिन्ता न हो। अविवाहित पुरुष प्रभु की बातों की चिन्ता में रहता है, कि प्रभु को कैसे प्रसन्न रखे।

३३परन्तु विवाहित मनुष्य संसार की बातों की चिन्ता में रहता है, कि अपनी पत्नी को किस रीति से प्रसन्न रखे।

३४विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है, कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्र हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्न रखे।

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