1 राजाओं ७:१५
उसने पीतल ढालकर अठारह-अठारह हाथ ऊँचे दो खम्भे बनाए, और एक-एक का घेरा बारह हाथ के सूत का था ये भीतर से खोखले थे, और इसकी धातु की मोटाई चार अंगुल थी।1 राजाओं ७:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Kings 7:15
- For he fashioned the two pillars of bronze, eighteen cubits high apiece; and a line of twelve cubits encircled either of them.
- ગુજરાતી — 1 રાજાઓ ૭:૧૫
- હુરામે પિત્તળના અઢાર હાથ ઊંચા બે સ્તંભો બનાવ્યા. દરેક સ્તંભોની આસપાસ ફરી વળવા બાર હાથ લાંબી દોરી જતી હતી.
संदर्भ में
१३फिर राजा सुलैमान ने सोर से हूराम को बुलवा भेजा।
१४वह नप्ताली के गोत्र की किसी विधवा का बेटा था, और उसका पिता एक सोरवासी ठठेरा था, और वह पीतल की सब प्रकार की कारीगरी में पूरी बुद्धि, निपुणता और समझ रखता था। सो वह राजा सुलैमान के पास आकर उसका सब काम करने लगा।
१५उसने पीतल ढालकर अठारह-अठारह हाथ ऊँचे दो खम्भे बनाए, और एक-एक का घेरा बारह हाथ के सूत का था ये भीतर से खोखले थे, और इसकी धातु की मोटाई चार अंगुल थी।
१६उसने खम्भों के सिरों पर लगाने को पीतल ढालकर दो कँगनी बनाई; एक-एक कँगनी की ऊँचाई, पाँच-पाँच हाथ की थी।
१७खम्भों के सिरों पर की कँगनियों के लिये चार खाने की सात-सात जालियाँ, और साँकलों की सात-सात झालरें बनीं।
