1 शमूएल ६:३
वे बोले, “यदि तुम इस्राएल के देवता का सन्दूक वहाँ भेजो, तो उसे वैसे ही न भेजना; उसकी हानि भरने के लिये अवश्य ही दोषबलि देना। तब तुम चंगे हो जाओगे, और तुम जान लोगे कि उसका हाथ तुम पर से क्यों नहीं उठाया गया।”1 शमूएल ६:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Samuel 6:3
- They said, “If you send away the ark of the God of Israel, don’t send it empty; but by all means return a trespass offering to him. Then you will be healed, and it will be known to you why his hand is not removed from you.”
- ગુજરાતી — 1 શમુએલ ૬:૩
- તેઓએ કહ્યું, “જો તમે ઇઝરાયલના ઈશ્વરનો કોશ પાછો મોકલો, તો તેને કશું અર્પણ કર્યા વિના મોકલશો નહિ; નિશ્ચે તેની સાથે દોષાર્થાર્પણ મોકલજો. તો જ તમે સાજા થશો, અને તમને સમજાશે કે તેમનો હાથ અત્યાર સુધી તમારા ઉપરથી કેમ દૂર થયો નથી.”
संदर्भ में
१यहोवा का सन्दूक पलिश्तियों के देश में सात महीने तक रहा।
२तब पलिश्तियों ने याजकों और भावी कहनेवालों को बुलाकर पूछा, “यहोवा के सन्दूक से हम क्या करें? हमें बताओ कि क्या प्रायश्चित देकर हम उसे उसके स्थान पर भेजें?”
३वे बोले, “यदि तुम इस्राएल के देवता का सन्दूक वहाँ भेजो, तो उसे वैसे ही न भेजना; उसकी हानि भरने के लिये अवश्य ही दोषबलि देना। तब तुम चंगे हो जाओगे, और तुम जान लोगे कि उसका हाथ तुम पर से क्यों नहीं उठाया गया।”
४उन्होंने पूछा, “हम उसकी हानि भरने के लिये कौन सा दोषबलि दें?” वे बोले, “पलिश्ती सरदारों की गिनती के अनुसार सोने की पाँच गिलटियाँ, और सोने के पाँच चूहे; क्योंकि तुम सब और तुम्हारे सरदार दोनों एक ही रोग से ग्रसित हो।
५तो तुम अपनी गिलटियों और अपने देश के नष्ट करनेवाले चूहों की भी मूरतें बनाकर इस्राएल के देवता की महिमा मानो; सम्भव है वह अपना हाथ तुम पर से और तुम्हारे देवताओं और देश पर से उठा ले।
