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Methodist Church Nadiad
जब वे सूफ नामक देश में आए, तब शाऊल ने अपने साथ के सेवक से कहा, “आ, हम लौट चलें, ऐसा न हो कि मेरा पिता गदहियों की चिन्ता छोड़कर हमारी चिन्ता करने लगे।”

1 शमूएल ९:५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English1 Samuel 9:5
When they had come to the land of Zuph, Saul said to his servant who was with him, “Come! Let’s return, lest my father stop caring about the donkeys and be anxious for us.”
ગુજરાતી1 શમુએલ ૯:૫
તેઓ સૂફ દેશમાં આવ્યા, ત્યારે શાઉલે પોતાનો ચાકર જે તેની સાથે હતો તેને કહ્યું, “ચાલ, આપણે પાછા જઈએ, નહિ તો મારા પિતા ગધેડાંની ચિંતા છોડી દઈને આપણા માટે ચિંતા કરવા લાગશે.”

संदर्भ में

जब शाऊल के पिता कीश की गदहियाँ खो गईं, तब कीश ने अपने पुत्र शाऊल से कहा, “एक सेवक को अपने साथ ले जा और गदहियों को ढूँढ़ ला।”

तब वह एप्रैम के पहाड़ी देश और शलीशा देश होते हुए गया, परन्तु उन्हें न पाया। तब वे शालीम नामक देश भी होकर गए, और वहाँ भी न पाया। फिर बिन्यामीन के देश में गए, परन्तु गदहियाँ न मिलीं।

जब वे सूफ नामक देश में आए, तब शाऊल ने अपने साथ के सेवक से कहा, “आ, हम लौट चलें, ऐसा न हो कि मेरा पिता गदहियों की चिन्ता छोड़कर हमारी चिन्ता करने लगे।”

उसने उससे कहा, “सुन, इस नगर में परमेश्वर का एक जन है जिसका बड़ा आदरमान होता है; और जो कुछ वह कहता है वह बिना पूरा हुए नहीं रहता। अब हम उधर चलें, सम्भव है वह हमको हमारा मार्ग बताए कि किधर जाएँ।”

शाऊल ने अपने सेवक से कहा, “सुन, यदि हम उस पुरुष के पास चलें तो उसके लिये क्या ले चलें? देख, हमारी थैलियों में की रोटी चुक गई है और भेंट के योग्य कोई वस्तु है ही नहीं, जो हम परमेश्वर के उस जन को दें। हमारे पास क्या है?”

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