1 शमूएल ९:६
उसने उससे कहा, “सुन, इस नगर में परमेश्वर का एक जन है जिसका बड़ा आदरमान होता है; और जो कुछ वह कहता है वह बिना पूरा हुए नहीं रहता। अब हम उधर चलें, सम्भव है वह हमको हमारा मार्ग बताए कि किधर जाएँ।”1 शमूएल ९:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Samuel 9:6
- The servant said to him, “Behold now, there is a man of God in this city, and he is a man who is held in honor. All that he says surely happens. Now let’s go there. Perhaps he can tell us which way to go.”
- ગુજરાતી — 1 શમુએલ ૯:૬
- પણ ચાકરે તેને કહ્યું, “સાંભળ, આ નગરમાં ઈશ્વરનો એક ઈશ્વરભક્ત રહે છે. તે પ્રતિષ્ઠિત માણસ છે; જે કંઈ તે કહે છે તે નિશ્ચે સાચું પડે છે. તો ચાલો આપણે ત્યાં જઈએ; કદાચ તે આપણને કહી બતાવશે કે કયા માર્ગે આપણે જવું.”
संदर्भ में
४तब वह एप्रैम के पहाड़ी देश और शलीशा देश होते हुए गया, परन्तु उन्हें न पाया। तब वे शालीम नामक देश भी होकर गए, और वहाँ भी न पाया। फिर बिन्यामीन के देश में गए, परन्तु गदहियाँ न मिलीं।
५जब वे सूफ नामक देश में आए, तब शाऊल ने अपने साथ के सेवक से कहा, “आ, हम लौट चलें, ऐसा न हो कि मेरा पिता गदहियों की चिन्ता छोड़कर हमारी चिन्ता करने लगे।”
६उसने उससे कहा, “सुन, इस नगर में परमेश्वर का एक जन है जिसका बड़ा आदरमान होता है; और जो कुछ वह कहता है वह बिना पूरा हुए नहीं रहता। अब हम उधर चलें, सम्भव है वह हमको हमारा मार्ग बताए कि किधर जाएँ।”
७शाऊल ने अपने सेवक से कहा, “सुन, यदि हम उस पुरुष के पास चलें तो उसके लिये क्या ले चलें? देख, हमारी थैलियों में की रोटी चुक गई है और भेंट के योग्य कोई वस्तु है ही नहीं, जो हम परमेश्वर के उस जन को दें। हमारे पास क्या है?”
८सेवक ने फिर शाऊल से कहा, “मेरे पास तो एक शेकेल चाँदी की चौथाई है, वही मैं परमेश्वर के जन को दूँगा, कि वह हमको बताए कि किधर जाएँ।”
