1 तीमुथियुस ६:३
यदि कोई और ही प्रकार का उपदेश देता है और खरी बातों को, अर्थात् हमारे प्रभु यीशु मसीह की बातों को और उस उपदेश को नहीं मानता, जो भक्ति के अनुसार है।1 तीमुथियुस ६:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Timothy 6:3
- If anyone teaches a different doctrine and doesn’t consent to sound words, the words of our Lord Jesus Christ, and to the doctrine which is according to godliness,
- ગુજરાતી — તિમોથીને પહેલો પત્ર ૬:૩
- જો કોઈ અલગ શિક્ષણ આપે છે, અને આપણા પ્રભુ ઈસુ ખ્રિસ્તનાં વચન તથા ભક્તિભાવ પ્રમાણે જે શુદ્ધ શિક્ષણ છે, તેને સંમત નથી,
संदर्भ में
१जितने दास जूए के नीचे हैं, वे अपने-अपने स्वामी को बड़े आदर के योग्य जानें, ताकि परमेश्वर के नाम और उपदेश की निन्दा न हो।
२और जिनके स्वामी विश्वासी हैं, इन्हें वे भाई होने के कारण तुच्छ न जानें; वरन् उनकी और भी सेवा करें, क्योंकि इससे लाभ उठानेवाले विश्वासी और प्रेमी हैं। इन बातों का उपदेश किया कर और समझाता रह।
३यदि कोई और ही प्रकार का उपदेश देता है और खरी बातों को, अर्थात् हमारे प्रभु यीशु मसीह की बातों को और उस उपदेश को नहीं मानता, जो भक्ति के अनुसार है।
४तो वह अभिमानी है और कुछ नहीं जानता, वरन् उसे विवाद और शब्दों पर तर्क करने का रोग है, जिनसे डाह, और झगड़े, और निन्दा की बातें, और बुरे-बुरे सन्देह,
५और उन मनुष्यों में व्यर्थ रगड़े-झगड़े उत्पन्न होते हैं, जिनकी बुद्धि बिगड़ गई है और वे सत्य से विहीन हो गए हैं, जो समझते हैं कि भक्ति लाभ का द्वार है।
