2 इतिहास २५:१०
तब अमस्याह ने उन्हें अर्थात् उस दल को जो एप्रैम की ओर से उसके पास आया था, अलग कर दिया , कि वे अपने स्थान को लौट जाएँ। तब उनका क्रोध यहूदियों पर बहुत भड़क उठा, और वे अत्यन्त क्रोधित होकर अपने स्थान को लौट गए।2 इतिहास २५:१० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 25:10
- Then Amaziah separated them, the army that had come to him out of Ephraim, to go home again. Therefore their anger was greatly kindled against Judah, and they returned home in fierce anger.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૨૫:૧૦
- તેથી અમાસ્યાએ એફ્રાઇમમાંથી જે સૈનિકો આવ્યા હતા તેઓને પોતાના સૈન્યથી જુદા પાડીને ઘરે પાછા મોકલી દીધા; તેથી તે લોકો યહૂદિયા પર ઘણાં નારાજ થયા અને ક્રોધાયમાન થઈને પોતાના ઘરે ચાલ્યા ગયા.
संदर्भ में
८यदि तू जाकर पुरुषार्थ करे; और युद्ध के लिये हियाव बाँधे, तो भी परमेश्वर तुझे शत्रुओं के सामने गिराएगा, क्योंकि सहायता करने और गिरा देने दोनों में परमेश्वर सामर्थी है।”
९अमस्याह ने परमेश्वर के भक्त से पूछा, “फिर जो सौ किक्कार चाँदी मैं इस्राएली दल को दे चुका हूँ, उसके विषय क्या करूँ?” परमेश्वर के भक्त ने उत्तर दिया, “यहोवा तुझे इससे भी बहुत अधिक दे सकता है।”
१०तब अमस्याह ने उन्हें अर्थात् उस दल को जो एप्रैम की ओर से उसके पास आया था, अलग कर दिया , कि वे अपने स्थान को लौट जाएँ। तब उनका क्रोध यहूदियों पर बहुत भड़क उठा, और वे अत्यन्त क्रोधित होकर अपने स्थान को लौट गए।
११परन्तु अमस्याह हियाव बाँधकर अपने लोगों को ले चला, और नमक की तराई में जाकर, दस हजार सेईरियों को मार डाला।
१२यहूदियों ने दस हजार को बन्दी बनाकर चट्टान की चोटी पर ले गये, और चट्टान की चोटी पर से गिरा दिया, और वे सब चूर-चूर हो गए।
