2 इतिहास २५:९
अमस्याह ने परमेश्वर के भक्त से पूछा, “फिर जो सौ किक्कार चाँदी मैं इस्राएली दल को दे चुका हूँ, उसके विषय क्या करूँ?” परमेश्वर के भक्त ने उत्तर दिया, “यहोवा तुझे इससे भी बहुत अधिक दे सकता है।”2 इतिहास २५:९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 25:9
- Amaziah said to the man of God, “But what shall we do for the hundred talents which I have given to the army of Israel?” The man of God answered, “The LORD is able to give you much more than this.”
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૨૫:૯
- અમાસ્યાએ તે ઈશ્વરભક્તે કહ્યું, “પણ ઇઝરાયલના સૈન્ય માટે જે એકસો તાલંત ચાંદી મેં આપી છે તેનું આપણે શું કરવું?” તેણે ઉત્તર આપ્યો, “ઈશ્વર તને એથી પણ વિશેષ આપવાને સમર્થ છે.”
संदर्भ में
७परन्तु परमेश्वर के एक जन ने उसके पास आकर कहा, “हे राजा, इस्राएल की सेना तेरे साथ जाने न पाए; क्योंकि यहोवा इस्राएल अर्थात् एप्रैम की समस्त सन्तान के संग नहीं रहता।
८यदि तू जाकर पुरुषार्थ करे; और युद्ध के लिये हियाव बाँधे, तो भी परमेश्वर तुझे शत्रुओं के सामने गिराएगा, क्योंकि सहायता करने और गिरा देने दोनों में परमेश्वर सामर्थी है।”
९अमस्याह ने परमेश्वर के भक्त से पूछा, “फिर जो सौ किक्कार चाँदी मैं इस्राएली दल को दे चुका हूँ, उसके विषय क्या करूँ?” परमेश्वर के भक्त ने उत्तर दिया, “यहोवा तुझे इससे भी बहुत अधिक दे सकता है।”
१०तब अमस्याह ने उन्हें अर्थात् उस दल को जो एप्रैम की ओर से उसके पास आया था, अलग कर दिया , कि वे अपने स्थान को लौट जाएँ। तब उनका क्रोध यहूदियों पर बहुत भड़क उठा, और वे अत्यन्त क्रोधित होकर अपने स्थान को लौट गए।
११परन्तु अमस्याह हियाव बाँधकर अपने लोगों को ले चला, और नमक की तराई में जाकर, दस हजार सेईरियों को मार डाला।
