2 इतिहास ३१:५
यह आज्ञा सुनते ही इस्राएली अन्न, नया दाखमधु, टटका तेल, मधु आदि खेती की सब भाँति की पहली उपज बहुतायत से देने, और सब वस्तुओं का दशमांश अधिक मात्रा में लाने लगे।2 इतिहास ३१:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 31:5
- As soon as the commandment went out, the children of Israel gave in abundance the first fruits of grain, new wine, oil, honey, and of all the increase of the field; and they brought in the tithe of all things abundantly.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૩૧:૫
- એ હુકમ બહાર પડતાં જ ઇઝરાયલી લોકોએ અનાજ, દ્રાક્ષારસ, તેલ, મધ તથા ખેતીવાડીની સર્વ ઊપજનો પ્રથમ પાક આપ્યો; અને સર્વ વસ્તુઓનો પૂરેપૂરો દશાંશ પણ તેઓ લાવ્યા.
संदर्भ में
३फिर उसने अपनी सम्पत्ति में से राजभाग को होमबलियों के लिये ठहरा दिया; अर्थात् सवेरे और साँझ की होमबलि और विश्राम और नये चाँद के दिनों और नियत समयों की होमबलि के लिये जैसा कि यहोवा की व्यवस्था में लिखा है।
४उसने यरूशलेम में रहनेवालों को याजकों और लेवियों को उनका भाग देने की आज्ञा दी, ताकि वे यहोवा की व्यवस्था के काम मन लगाकर कर सकें।
५यह आज्ञा सुनते ही इस्राएली अन्न, नया दाखमधु, टटका तेल, मधु आदि खेती की सब भाँति की पहली उपज बहुतायत से देने, और सब वस्तुओं का दशमांश अधिक मात्रा में लाने लगे।
६जो इस्राएली और यहूदी, यहूदा के नगरों में रहते थे, वे भी बैलों और भेड़-बकरियों का दशमांश, और उन पवित्र वस्तुओं का दशमांश, जो उनके परमेश्वर यहोवा के निमित्त पवित्र की गई थीं, लाकर ढेर-ढेर करके रखने लगे।
७इस प्रकार ढेर का लगाना उन्होंने तीसरे महीने में आरम्भ किया और सातवें महीने में पूरा किया।
