2 इतिहास ३१:६
जो इस्राएली और यहूदी, यहूदा के नगरों में रहते थे, वे भी बैलों और भेड़-बकरियों का दशमांश, और उन पवित्र वस्तुओं का दशमांश, जो उनके परमेश्वर यहोवा के निमित्त पवित्र की गई थीं, लाकर ढेर-ढेर करके रखने लगे।2 इतिहास ३१:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 31:6
- The children of Israel and Judah, who lived in the cities of Judah, also brought in the tithe of cattle and sheep, and the tithe of dedicated things which were consecrated to the LORD their God, and laid them in heaps.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૩૧:૬
- ઇઝરાયલી લોકો તથા યહૂદિયાના માણસો જેઓ યહૂદિયાના નગરોમાં રહેતા હતા, તેઓએ પણ બળદો તથા ઘેટાંનો દશાંશ તથા પોતાના પ્રભુ ઈશ્વરને માટે પવિત્ર કરેલી વસ્તુઓ લાવીને તેમના ઢગલા કર્યા.
संदर्भ में
४उसने यरूशलेम में रहनेवालों को याजकों और लेवियों को उनका भाग देने की आज्ञा दी, ताकि वे यहोवा की व्यवस्था के काम मन लगाकर कर सकें।
५यह आज्ञा सुनते ही इस्राएली अन्न, नया दाखमधु, टटका तेल, मधु आदि खेती की सब भाँति की पहली उपज बहुतायत से देने, और सब वस्तुओं का दशमांश अधिक मात्रा में लाने लगे।
६जो इस्राएली और यहूदी, यहूदा के नगरों में रहते थे, वे भी बैलों और भेड़-बकरियों का दशमांश, और उन पवित्र वस्तुओं का दशमांश, जो उनके परमेश्वर यहोवा के निमित्त पवित्र की गई थीं, लाकर ढेर-ढेर करके रखने लगे।
७इस प्रकार ढेर का लगाना उन्होंने तीसरे महीने में आरम्भ किया और सातवें महीने में पूरा किया।
८जब हिजकिय्याह और हाकिमों ने आकर उन ढेरों को देखा, तब यहोवा को और उसकी प्रजा इस्राएल को धन्य-धन्य कहा।
