2 इतिहास ६:२९
तब यदि कोई मनुष्य या तेरी सारी प्रजा इस्राएल जो अपना-अपना दुःख और अपना-अपना खेद जानकर और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाएँ;2 इतिहास ६:२९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 6:29
- whatever prayer and supplication is made by any man, or by all your people Israel, who will each know his own plague and his own sorrow, and shall spread out his hands toward this house,
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૬:૨૯
- ત્યારે તમારા લોકો તથા ઇઝરાયલી લોકોમાંના જો કોઈ આ સભાસ્થાન તરફ પોતાના હાથ પ્રસારીને પોતાની પીડામાં અને પોતાનું દુઃખ જાણીને પ્રાર્થના તથા વિનંતીઓ કરે;
संदर्भ में
२७तो तू स्वर्ग में से सुनना, और अपने दासों और अपनी प्रजा इस्राएल के पाप को क्षमा करना; तू जो उनको वह भला मार्ग दिखाता है जिस पर उन्हें चलना चाहिये, इसलिए अपने इस देश पर जिसे तूने अपनी प्रजा का भाग करके दिया है, पानी बरसा देना।
२८“जब इस देश में अकाल या मरी या झुलस हो या गेरुई या टिड्डियाँ या कीड़े लगें, या उनके शत्रु उनके देश के फाटकों में उन्हें घेर रखें, या कोई विपत्ति या रोग हो;
२९तब यदि कोई मनुष्य या तेरी सारी प्रजा इस्राएल जो अपना-अपना दुःख और अपना-अपना खेद जानकर और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाएँ;
३०तो तू अपने स्वर्गीय निवास-स्थान से सुनकर क्षमा करना, और एक-एक के मन की जानकर उसकी चाल के अनुसार उसे फल देना; (तू ही तो आदमियों के मन का जाननेवाला है);
३१कि वे जितने दिन इस देश में रहें, जिसे तूने उनके पुरखाओं को दिया था, उतने दिन तक तेरा भय मानते हुए तेरे मार्गों पर चलते रहें।
