2 इतिहास ६:५
‘जिस दिन से मैं अपनी प्रजा को मिस्र देश से निकाल लाया, तब से मैंने न तो इस्राएल के किसी गोत्र का कोई नगर चुना जिसमें मेरे नाम के निवास के लिये भवन बनाया जाए, और न कोई मनुष्य चुना कि वह मेरी प्रजा इस्राएल पर प्रधान हो।2 इतिहास ६:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 6:5
- ‘Since the day that I brought my people out of the land of Egypt, I chose no city out of all the tribes of Israel to build a house in, that my name might be there, and I chose no man to be prince over my people Israel;
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૬:૫
- ‘હું મારા લોકોને મિસર દેશમાંથી બહાર લાવ્યો, તે દિવસથી, મારું નામ ત્યાં રહે તે માટે સભાસ્થાન બાંધવા માટે, મેં ઇઝરાયલના સર્વ કુળોમાંથી કોઈ નગરને પસંદ કર્યું નથી. તેમ જ મારા ઇઝરાયલ લોકો પર મેં કોઈ પુરુષને રાજા તરીકે પસંદ કર્યો નથી.
संदर्भ में
३तब राजा ने इस्राएल की पूरी सभा की ओर मुँह फेरकर उसको आशीर्वाद दिया, और इस्राएल की पूरी सभा खड़ी रही।
४और उसने कहा, “धन्य है इस्राएल का परमेश्वर यहोवा, जिसने अपने मुँह से मेरे पिता दाऊद को यह वचन दिया था, और अपने हाथों से इसे पूरा किया है,
५‘जिस दिन से मैं अपनी प्रजा को मिस्र देश से निकाल लाया, तब से मैंने न तो इस्राएल के किसी गोत्र का कोई नगर चुना जिसमें मेरे नाम के निवास के लिये भवन बनाया जाए, और न कोई मनुष्य चुना कि वह मेरी प्रजा इस्राएल पर प्रधान हो।
६परन्तु मैंने यरूशलेम को इसलिए चुना है, कि मेरा नाम वहाँ हो, और दाऊद को चुन लिया है कि वह मेरी प्रजा इस्राएल पर प्रधान हो।’
७मेरे पिता दाऊद की यह इच्छा थी कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनवाए।
