2 शमूएल १५:३०
तब दाऊद जैतून के पहाड़ की चढ़ाई पर सिर ढाँके, नंगे पाँव, रोता हुआ चढ़ने लगा; और जितने लोग उसके संग थे, वे भी सिर ढाँके रोते हुए चढ़ गए।2 शमूएल १५:३० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Samuel 15:30
- David went up by the ascent of the Mount of Olives, and wept as he went up; and he had his head covered and went barefoot. All the people who were with him each covered his head, and they went up, weeping as they went up.
- ગુજરાતી — 2 શમુએલ ૧૫:૩૦
- પણ દાઉદ રડતો રડતો ઉઘાડા પગે જૈતૂન પર્વત પર ગયો, તેનું માથું ઢાંકેલું હતું. તેની સાથેના લોકોમાંના પ્રત્યેક માણસ પોતાનું માથું ઢાંકીને રડતો રડતો ચાલતો હતો.
संदर्भ में
२८सुनो, मैं जंगल के घाट के पास तब तक ठहरा रहूँगा, जब तक तुम लोगों से मुझे हाल का समाचार न मिले।”
२९तब सादोक और एब्यातार ने परमेश्वर के सन्दूक को यरूशलेम में लौटा दिया; और आप वहीं रहे।
३०तब दाऊद जैतून के पहाड़ की चढ़ाई पर सिर ढाँके, नंगे पाँव, रोता हुआ चढ़ने लगा; और जितने लोग उसके संग थे, वे भी सिर ढाँके रोते हुए चढ़ गए।
३१तब दाऊद को यह समाचार मिला, “अबशालोम के संगी राजद्रोहियों के साथ अहीतोपेल है।” दाऊद ने कहा, “हे यहोवा, अहीतोपेल की सम्मति को मूर्खता बना दे।”
३२जब दाऊद चोटी तक पहुँचा, जहाँ परमेश्वर की आराधना की जाती थी, तब एरेकी हूशै अंगरखा फाड़े, सिर पर मिट्टी डाले हुए उससे मिलने को आया।
