दानिय्येल ५:१९
और उस बड़ाई के कारण जो उसने उसको दी थी, देश-देश और जाति-जाति के सब लोग, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवाले उसके सामने काँपते और थरथराते थे, जिसे वह चाहता उसे वह घात करता था, और जिसको वह चाहता उसे वह जीवित रखता था जिसे वह चाहता उसे वह ऊँचा पद देता था, और जिसको वह चाहता उसे वह गिरा देता था।दानिय्येल ५:१९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Daniel 5:19
- Because of the greatness that he gave him, all the peoples, nations, and languages trembled and feared before him. He killed whom he wanted to, and he kept alive whom he wanted to. He raised up whom he wanted to, and he put down whom he wanted to.
- ગુજરાતી — દાનિયેલ ૫:૧૯
- ઈશ્વરે તેમને જે મહત્તા આપી હતી તેનાથી, બધા લોકો, પ્રજાઓ તથા વિવિધ ભાષાઓ બોલનારા તેનાથી બીતા તથા ધ્રૂજતા હતા. તે ચાહતા તેને મારી નાખતા, ચાહતા તેને જીવતા રહેવા દેતા. તે ચાહતા તેને ઊંચે ઉઠાવતા અને તે ચાહતા તેને નીચે પાડતા.
संदर्भ में
१७दानिय्येल ने राजा से कहा, “अपने दान अपने ही पास रख; और जो बदला तू देना चाहता है, वह दूसरे को दे; वह लिखी हुई बात मैं राजा को पढ़ सुनाऊँगा, और उसका अर्थ भी तुझे समझाऊँगा।
१८हे राजा, परमप्रधान परमेश्वर ने तेरे पिता नबूकदनेस्सर को राज्य, बड़ाई, प्रतिष्ठा और प्रताप दिया था;
१९और उस बड़ाई के कारण जो उसने उसको दी थी, देश-देश और जाति-जाति के सब लोग, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवाले उसके सामने काँपते और थरथराते थे, जिसे वह चाहता उसे वह घात करता था, और जिसको वह चाहता उसे वह जीवित रखता था जिसे वह चाहता उसे वह ऊँचा पद देता था, और जिसको वह चाहता उसे वह गिरा देता था।
२०परन्तु जब उसका मन फूल उठा, और उसकी आत्मा कठोर हो गई, यहाँ तक कि वह अभिमान करने लगा, तब वह अपने राजसिंहासन पर से उतारा गया, और उसकी प्रतिष्ठा भंग की गई; (नीति. 16:15)
२१वह मनुष्यों में से निकाला गया, और उसका मन पशुओं का सा, और उसका निवास जंगली गदहों के बीच हो गया; वह बैलों के समान घास चरता, और उसका शरीर आकाश की ओस से भीगा करता था, जब तक कि उसने जान न लिया कि परमप्रधान परमेश्वर मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहता उसी को उस पर अधिकारी ठहराता है।
