व्यवस्थाविवरण १९:१५
“किसी मनुष्य के विरुद्ध किसी प्रकार के अधर्म या पाप के विषय में, चाहे उसका पाप कैसा ही क्यों न हो, एक ही जन की साक्षी न सुनना, परन्तु दो या तीन साक्षियों के कहने से बात पक्की ठहरे। (मत्ती 18:16)व्यवस्थाविवरण १९:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 19:15
- One witness shall not rise up against a man for any iniquity, or for any sin that he sins. At the mouth of two witnesses, or at the mouth of three witnesses, shall a matter be established.
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૧૯:૧૫
- કોઈ માણસનાં પાપ માટે, કોઈ અન્યાય માટે કે કોઈ પાપની બાબતમાં એક જ વ્યક્તિની સાક્ષી ચાલે નહિ, બે કે ત્રણ સાક્ષીઓના મુખથી કોઈ પણ વાત સાબિત થઈ શકે.
संदर्भ में
१३उस पर तरस न खाना, परन्तु निर्दोष के खून का दोष इस्राएल से दूर करना, जिससे तुम्हारा भला हो।
१४“जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझको देता है, उसका जो भाग तुझे मिलेगा, उसमें किसी की सीमा जिसे प्राचीन लोगों ने ठहराया हो न हटाना।
१५“किसी मनुष्य के विरुद्ध किसी प्रकार के अधर्म या पाप के विषय में, चाहे उसका पाप कैसा ही क्यों न हो, एक ही जन की साक्षी न सुनना, परन्तु दो या तीन साक्षियों के कहने से बात पक्की ठहरे। (मत्ती 18:16)
१६यदि कोई झूठी साक्षी देनेवाला किसी के विरुद्ध यहोवा से फिर जाने की साक्षी देने को खड़ा हो,
१७तो वे दोनों मनुष्य, जिनके बीच ऐसा मुकद्दमा उठा हो , यहोवा के सम्मुख , अर्थात् उन दिनों के याजकों और न्यायियों के सामने खड़े किए जाएँ;
