व्यवस्थाविवरण २१:१५
“यदि किसी पुरुष की दो पत्नियाँ हों, और उसे एक प्रिय और दूसरी अप्रिय हो, और प्रिया और अप्रिय दोनों स्त्रियाँ बेटे जनें, परन्तु जेठा अप्रिय का हो,व्यवस्थाविवरण २१:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 21:15
- If a man has two wives, the one beloved and the other hated, and they have borne him children, both the beloved and the hated, and if the firstborn son is hers who was hated,
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૨૧:૧૫
- જો કોઈ પુરુષને બે પત્નીઓ હોય, એક માનીતી અને બીજી અણમાનીતી અને તે બન્નેને પુત્ર જન્મે અને અણમાનીતીનો પુત્ર જયેષ્ઠ હોય.
संदर्भ में
१३और अपने बन्धन के वस्त्र उतारकर तेरे घर में महीने भर रहकर अपने माता पिता के लिये विलाप करती रहे ; उसके बाद तू उसके पास जाना, और तू उसका पति और वह तेरी पत्नी बने।
१४फिर यदि वह तुझको अच्छी न लगे, तो जहाँ वह जाना चाहे वहाँ उसे जाने देना; उसको रुपया लेकर कहीं न बेचना, और तेरा उससे शारीरिक सम्बंध था, इस कारण उससे दासी के समान व्यवहार न करना।
१५“यदि किसी पुरुष की दो पत्नियाँ हों, और उसे एक प्रिय और दूसरी अप्रिय हो, और प्रिया और अप्रिय दोनों स्त्रियाँ बेटे जनें, परन्तु जेठा अप्रिय का हो,
१६तो जब वह अपने पुत्रों को अपनी सम्पत्ति का बँटवारा करे, तब यदि अप्रिय का बेटा जो सचमुच जेठा है यदि जीवित हो, तो वह प्रिया के बेटे को जेठांस न दे सकेगा;
१७वह यह जानकर कि अप्रिय का बेटा मेरे पौरूष का पहला फल है, और जेठे का अधिकार उसी का है, उसी को अपनी सारी सम्पत्ति में से दो भाग देकर जेठांसी माने।
