व्यवस्थाविवरण २१:१७
वह यह जानकर कि अप्रिय का बेटा मेरे पौरूष का पहला फल है, और जेठे का अधिकार उसी का है, उसी को अपनी सारी सम्पत्ति में से दो भाग देकर जेठांसी माने।व्यवस्थाविवरण २१:१७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 21:17
- but he shall acknowledge the firstborn, the son of the hated, by giving him a double portion of all that he has; for he is the beginning of his strength. The right of the firstborn is his.
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૨૧:૧૭
- પણ તેની સર્વ મિલકતનો બમણો ભાગ અણમાનીતીના દીકરાને આપીને તે તેને જયેષ્ઠ તરીકે માન્ય રાખે; કારણ, તે તેનું પ્રથમફળ છે અને જયેષ્ઠ પુત્ર તરીકેનો અધિકાર તેનો છે.
संदर्भ में
१५“यदि किसी पुरुष की दो पत्नियाँ हों, और उसे एक प्रिय और दूसरी अप्रिय हो, और प्रिया और अप्रिय दोनों स्त्रियाँ बेटे जनें, परन्तु जेठा अप्रिय का हो,
१६तो जब वह अपने पुत्रों को अपनी सम्पत्ति का बँटवारा करे, तब यदि अप्रिय का बेटा जो सचमुच जेठा है यदि जीवित हो, तो वह प्रिया के बेटे को जेठांस न दे सकेगा;
१७वह यह जानकर कि अप्रिय का बेटा मेरे पौरूष का पहला फल है, और जेठे का अधिकार उसी का है, उसी को अपनी सारी सम्पत्ति में से दो भाग देकर जेठांसी माने।
१८“यदि किसी का हठीला और विद्रोही बेटा हो, जो अपने माता-पिता की बात न माने, किन्तु ताड़ना देने पर भी उनकी न सुने,
१९तो उसके माता-पिता उसे पकड़कर अपने नगर से बाहर फाटक के निकट नगर के पुरनियों के पास ले जाएँ,
