Skip to content
Methodist Church Nadiad

व्यवस्थाविवरण ३२:३३

उनका दाखमधु साँपों का सा विष और काले नागों का सा हलाहल है।

व्यवस्थाविवरण ३२:३३ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishDeuteronomy 32:33
Their wine is the poison of serpents, the cruel venom of asps.
ગુજરાતીપુનર્નિયમ ૩૨:૩૩
તેઓના દ્રાક્ષારસ અજગરોનું ઝેર તથા ઝેરી સર્પોનું પ્રાણઘાતક વિષ છે.

संदर्भ में

३१क्योंकि जैसी हमारी चट्टान है वैसी उनकी चट्टान नहीं है, चाहे हमारे शत्रु ही क्यों न न्यायी हों।

३२क्योंकि उनकी दाखलता सदोम की दाखलता से निकली, और गमोरा की दाख की बारियों में की है; उनकी दाख विषभरी और उनके गुच्छे कड़वे हैं;

३३उनका दाखमधु साँपों का सा विष और काले नागों का सा हलाहल है।

३४“क्या यह बात मेरे मन में संचित, और मेरे भण्डारों में मुहरबन्द नहीं है?

३५पलटा लेना और बदला देना मेरा ही काम है, यह उनके पाँव फिसलने के समय प्रगट होगा; क्योंकि उनकी विपत्ति का दिन निकट है, और जो दुःख उन पर पड़नेवाले हैं वे शीघ्र आ रहे हैं। (लूका 21:22, रोम. 12:19)

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.