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Methodist Church Nadiad

व्यवस्थाविवरण ३२:३४

“क्या यह बात मेरे मन में संचित, और मेरे भण्डारों में मुहरबन्द नहीं है?

व्यवस्थाविवरण ३२:३४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishDeuteronomy 32:34
“Isn’t this laid up in store with me, sealed up among my treasures?
ગુજરાતીપુનર્નિયમ ૩૨:૩૪
શું મેં તેને મારા ખજાનામાં મુદ્રિત કરાઈને મારી પાસે સંગ્રહ કરી રાખેલું નથી?

संदर्भ में

३२क्योंकि उनकी दाखलता सदोम की दाखलता से निकली, और गमोरा की दाख की बारियों में की है; उनकी दाख विषभरी और उनके गुच्छे कड़वे हैं;

३३उनका दाखमधु साँपों का सा विष और काले नागों का सा हलाहल है।

३४“क्या यह बात मेरे मन में संचित, और मेरे भण्डारों में मुहरबन्द नहीं है?

३५पलटा लेना और बदला देना मेरा ही काम है, यह उनके पाँव फिसलने के समय प्रगट होगा; क्योंकि उनकी विपत्ति का दिन निकट है, और जो दुःख उन पर पड़नेवाले हैं वे शीघ्र आ रहे हैं। (लूका 21:22, रोम. 12:19)

३६क्योंकि जब यहोवा देखेगा कि मेरी प्रजा की शक्ति जाती रही, और क्या बन्धुआ और क्या स्वाधीन, उनमें कोई बचा नहीं रहा, तब यहोवा अपने लोगों का न्याय करेगा, और अपने दासों के विषय में तरस खाएगा।

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