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Methodist Church Nadiad
मनुष्य के लिये खाने-पीने और परिश्रम करते हुए अपने जीव को सुखी रखने के सिवाय और कुछ भी अच्छा नहीं। मैंने देखा कि यह भी परमेश्वर की ओर से मिलता है।

सभोपदेशक २:२४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishEcclesiastes 2:24
There is nothing better for a man than that he should eat and drink, and make his soul enjoy good in his labor. This also I saw, that it is from the hand of God.
ગુજરાતીસભાશિક્ષક ૨:૨૪
ખાવું, પીવું અને પોતાના કામમાં આનંદ માણવો તેનાં કરતાં વધારે સારું મનુષ્ય માટે બીજું કશું નથી. પછી મને માલૂમ પડ્યું કે આ ઈશ્વરના હાથથી જ મળે છે.

संदर्भ में

२२मनुष्य जो सूर्य के नीचे मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उससे उसको क्या लाभ होता है?

२३उसके सब दिन तो दुःखों से भरे रहते हैं, और उसका काम खेद के साथ होता है; रात को भी उसका मन चैन नहीं पाता। यह भी व्यर्थ ही है।

२४मनुष्य के लिये खाने-पीने और परिश्रम करते हुए अपने जीव को सुखी रखने के सिवाय और कुछ भी अच्छा नहीं। मैंने देखा कि यह भी परमेश्वर की ओर से मिलता है।

२५क्योंकि खाने-पीने और सुख भोगने में उससे अधिक समर्थ कौन है?

२६जो मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है, उसको वह बुद्धि और ज्ञान और आनन्द देता है; परन्तु पापी को वह दुःख भरा काम ही देता है कि वह उसको देने के लिये संचय करके ढेर लगाए जो परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा हो। यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है ।

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