सभोपदेशक ७:२
भोज के घर जाने से शोक ही के घर जाना उत्तम है; क्योंकि सब मनुष्यों का अन्त यही है, और जो जीवित है वह मन लगाकर इस पर सोचेगा।सभोपदेशक ७:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ecclesiastes 7:2
- It is better to go to the house of mourning than to go to the house of feasting; for that is the end of all men, and the living should take this to heart.
- ગુજરાતી — સભાશિક્ષક ૭:૨
- ઉજવણીના ઘરમાં જવા કરતાં શોકના ઘરમાં જવું સારું છે. કેમ કે પ્રત્યેક મનુષ્યની જિંદગીનો અંત મૃત્યુ જ છે. જીવતો માણસ તે વાત પોતાના હૃદયમાં ઠસાવી રાખશે.
संदर्भ में
१अच्छा नाम अनमोल इत्र से और मृत्यु का दिन जन्म के दिन से उत्तम है।
२भोज के घर जाने से शोक ही के घर जाना उत्तम है; क्योंकि सब मनुष्यों का अन्त यही है, और जो जीवित है वह मन लगाकर इस पर सोचेगा।
३हँसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुँह पर के शोक से मन सुधरता है।
४बुद्धिमानों का मन शोक करनेवालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करनेवालों के घर लगा रहता है।
