सभोपदेशक ७:४
बुद्धिमानों का मन शोक करनेवालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करनेवालों के घर लगा रहता है।सभोपदेशक ७:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ecclesiastes 7:4
- The heart of the wise is in the house of mourning; but the heart of fools is in the house of mirth.
- ગુજરાતી — સભાશિક્ષક ૭:૪
- જ્ઞાનીનું અંત:કરણ શોકના ઘરમાં હોય છે પણ મૂર્ખનું અંત:કરણ હર્ષના ઘરમાં હોય છે.
संदर्भ में
२भोज के घर जाने से शोक ही के घर जाना उत्तम है; क्योंकि सब मनुष्यों का अन्त यही है, और जो जीवित है वह मन लगाकर इस पर सोचेगा।
३हँसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुँह पर के शोक से मन सुधरता है।
४बुद्धिमानों का मन शोक करनेवालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करनेवालों के घर लगा रहता है।
५मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है।
६क्योंकि मूर्ख की हँसी हाण्डी के नीचे जलते हुए काँटों ही चरचराहट के समान होती है; यह भी व्यर्थ है।
