एस्तेर १:६
वहाँ के पर्दे श्वेत और नीले सूत के थे, और सन और बैंगनी रंग की डोरियों से चाँदी के छल्लों में, संगमरमर के खम्भों से लगे हुए थे; और वहाँ की चौकियाँ सोने-चाँदी की थीं; और लाल और श्वेत और पीले और काले संगमरमर के बने हुए फर्श पर धरी हुई थीं।एस्तेर १:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Esther 1:6
- There were hangings of white and blue material, fastened with cords of fine linen and purple to silver rings and marble pillars. The couches were of gold and silver, on a pavement of red, white, yellow, and black marble.
- ગુજરાતી — એસ્તેર ૧:૬
- ત્યાં સફેદ, ભૂરા તથા જાંબુડી રંગના વસ્ત્રના પડદા ચાંદીની કડીઓવાળા તથા આરસપહાણના સ્તંભો સાથે જાંબુડી તથા બારીક શણની સૂતળી વડે બાંધવામાં આવ્યા હતા. સોનાચાંદીના પલંગો લાલ, ધોળા, પીળા તથા કાળાં આરસપહાણની ફરસબંધી પર સજાવેલા હતા.
संदर्भ में
४वह उन्हें बहुत दिन वरन् एक सौ अस्सी दिन तक अपने राजवैभव का धन और अपने माहात्म्य के अनमोल पदार्थ दिखाता रहा।
५इतने दिनों के बीतने पर राजा ने क्या छोटे क्या बड़े उन सभी की भी जो शूशन नामक राजगढ़ में इकट्ठा हुए थे, राजभवन की बारी के आँगन में सात दिन तक भोज दिया।
६वहाँ के पर्दे श्वेत और नीले सूत के थे, और सन और बैंगनी रंग की डोरियों से चाँदी के छल्लों में, संगमरमर के खम्भों से लगे हुए थे; और वहाँ की चौकियाँ सोने-चाँदी की थीं; और लाल और श्वेत और पीले और काले संगमरमर के बने हुए फर्श पर धरी हुई थीं।
७उस भोज में राजा के योग्य दाखमधु भिन्न-भिन्न रूप के सोने के पात्रों में डालकर राजा की उदारता से बहुतायत के साथ पिलाया जाता था।
८पीना तो नियम के अनुसार होता था, किसी को विवश करके नहीं पिलाया जाता था; क्योंकि राजा ने तो अपने भवन के सब भण्डारियों को आज्ञा दी थी, कि जो अतिथि जैसा चाहे उसके साथ वैसा ही बर्ताव करना।
