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Methodist Church Nadiad
पीना तो नियम के अनुसार होता था, किसी को विवश करके नहीं पिलाया जाता था; क्योंकि राजा ने तो अपने भवन के सब भण्डारियों को आज्ञा दी थी, कि जो अतिथि जैसा चाहे उसके साथ वैसा ही बर्ताव करना।

एस्तेर १:८ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishEsther 1:8
In accordance with the law, the drinking was not compulsory; for so the king had instructed all the officials of his house, that they should do according to every man’s pleasure.
ગુજરાતીએસ્તેર ૧:૮
તે માપસર પીવામાં આવતો હતો, જોકે કોઈને પીવા માટે દબાણ કરી શકાતું ન હતું. કેમ કે રાજાએ પોતાના મહેલના સર્વ કારભારીઓને હુકમ કર્યો હતો કે, “તમારે પ્રત્યેક માણસની મરજી પ્રમાણે મદીરા પીરસવો.”

संदर्भ में

वहाँ के पर्दे श्वेत और नीले सूत के थे, और सन और बैंगनी रंग की डोरियों से चाँदी के छल्लों में, संगमरमर के खम्भों से लगे हुए थे; और वहाँ की चौकियाँ सोने-चाँदी की थीं; और लाल और श्वेत और पीले और काले संगमरमर के बने हुए फर्श पर धरी हुई थीं।

उस भोज में राजा के योग्य दाखमधु भिन्न-भिन्न रूप के सोने के पात्रों में डालकर राजा की उदारता से बहुतायत के साथ पिलाया जाता था।

पीना तो नियम के अनुसार होता था, किसी को विवश करके नहीं पिलाया जाता था; क्योंकि राजा ने तो अपने भवन के सब भण्डारियों को आज्ञा दी थी, कि जो अतिथि जैसा चाहे उसके साथ वैसा ही बर्ताव करना।

रानी वशती ने भी राजा क्षयर्ष के भवन में स्त्रियों को भोज दिया।

१०सातवें दिन, जब राजा का मन दाखमधु में मगन था, तब उसने महूमान, बिजता, हर्बोना, बिगता, अबगता, जेतेर और कर्कस नामक सातों खोजों को जो क्षयर्ष राजा के सम्मुख सेवा टहल किया करते थे, आज्ञा दी,

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