यहेजकेल १७:७
“फिर एक और लम्बे पंखवाला और परों से भरा हुआ बड़ा उकाब पक्षी था; और वह अंगूर की लता उस स्थान से जहाँ वह लगाई गई थी, उस दूसरे उकाब की ओर अपनी जड़ फैलाने और अपनी डालियाँ झुकाने लगी कि वह उसे खींचा करे।यहेजकेल १७:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ezekiel 17:7
- “‘“There was also another great eagle with great wings and many feathers. Behold, this vine bent its roots toward him, and shot out its branches toward him, from the ground where it was planted, that he might water it.
- ગુજરાતી — હઝકિયેલ ૧૭:૭
- પણ બીજો મોટી પાંખવાળો તથા ઘણાં પીંછાવાળો એક ગરુડ હતો. અને જુઓ, પેલા દ્રાક્ષવેલાએ પોતાના મૂળિયાં ગરુડ તરફ વાળ્યાં, તેને જે ક્યારામાં ઉગાવવામાં આવ્યો હતો ત્યાંથી તેની ડાળીઓ ગરુડ તરફ વળી, જેથી તે વધારે પાણી સિંચે.
संदर्भ में
५तब उसने देश का कुछ बीज लेकर एक उपजाऊ खेत में बोया, और उसे बहुत जलभरे स्थान में मजनू के समान लगाया।
६वह उगकर छोटी फैलनेवाली अंगूर की लता हो गई जिसकी डालियाँ उसकी ओर झुकी, और उसकी जड़ उसके नीचे फैली; इस प्रकार से वह अंगूर की लता होकर कनखा फोड़ने और पत्तों से भरने लगी।
७“फिर एक और लम्बे पंखवाला और परों से भरा हुआ बड़ा उकाब पक्षी था; और वह अंगूर की लता उस स्थान से जहाँ वह लगाई गई थी, उस दूसरे उकाब की ओर अपनी जड़ फैलाने और अपनी डालियाँ झुकाने लगी कि वह उसे खींचा करे।
८परन्तु वह तो इसलिए अच्छी भूमि में बहुत जल के पास लगाई गई थी, कि कनखाएँ फोड़े, और फले, और उत्तम अंगूर की लता बने।
९इसलिए तू यह कह, कि प्रभु यहोवा यह पूछता है: क्या वह फूले फलेगी? क्या वह उसको जड़ से न उखाड़ेगा, और उसके फलों को न झाड़ डालेगा कि वह अपनी सब हरी नई पत्तियों समेत सूख जाए? इसे जड़ से उखाड़ने के लिये अधिक बल और बहुत से मनुष्यों की आवश्यकता न होगी।
