उत्पत्ति ४३:१८
जब वे यूसुफ के घर को पहुँचाए गए तब वे आपस में डरकर कहने लगे, “जो रुपया पहली बार हमारे बोरों में लौटा दिया गया था, उसी के कारण हम भीतर पहुँचाए गए हैं; जिससे कि वह पुरुष हम पर टूट पड़े, और हमें वश में करके अपने दास बनाए, और हमारे गदहों को भी छीन ले।”उत्पत्ति ४३:१८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 43:18
- The men were afraid, because they were brought to Joseph’s house; and they said, “Because of the money that was returned in our sacks the first time, we’re brought in; that he may seek occasion against us, attack us, and seize us as slaves, along with our donkeys.”
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૪૩:૧૮
- તેઓને યૂસફના ઘરમાં લાવવામાં આવ્યા તેથી તેઓને બીક લાગી. તેઓ બોલ્યા, “આપણે પ્રથમ વાર આવ્યા ત્યારે આપણા થેલાઓ સાથે જે નાણું પાછું આપવામાં આવ્યું હતું, તેને કારણે તે આપણી વિરુદ્ધ તક શોધતો હોય એવું શક્ય છે. તે કદાચ આપણી અટકાયત કરે, આપણને ગુલામ બનાવે અને આપણા ગધેડાં પણ જપ્ત કરી લે ખરો.”
संदर्भ में
१६उनके साथ बिन्यामीन को देखकर यूसुफ ने अपने घर के अधिकारी से कहा, “उन मनुष्यों को घर में पहुँचा दो, और पशु मारकर भोजन तैयार करो; क्योंकि वे लोग दोपहर को मेरे संग भोजन करेंगे।”
१७तब वह अधिकारी पुरुष यूसुफ के कहने के अनुसार उन पुरुषों को यूसुफ के घर में ले गया।
१८जब वे यूसुफ के घर को पहुँचाए गए तब वे आपस में डरकर कहने लगे, “जो रुपया पहली बार हमारे बोरों में लौटा दिया गया था, उसी के कारण हम भीतर पहुँचाए गए हैं; जिससे कि वह पुरुष हम पर टूट पड़े, और हमें वश में करके अपने दास बनाए, और हमारे गदहों को भी छीन ले।”
१९तब वे यूसुफ के घर के अधिकारी के निकट जाकर घर के द्वार पर इस प्रकार कहने लगे,
२०“हे हमारे प्रभु, जब हम पहली बार अन्न मोल लेने को आए थे,
