उत्पत्ति ४७:१५
जब मिस्र और कनान देश का रुपया समाप्त हो गया, तब सब मिस्री यूसुफ के पास आ आकर कहने लगे, “हमको भोजनवस्तु दे, क्या हम रुपये के न रहने से तेरे रहते हुए मर जाएँ?”उत्पत्ति ४७:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 47:15
- When the money was all spent in the land of Egypt, and in the land of Canaan, all the Egyptians came to Joseph, and said, “Give us bread, for why should we die in your presence? For our money fails.”
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૪૭:૧૫
- જયારે મિસર દેશમાં તથા કનાન દેશમાં નાણાંની અછત થઈ, ત્યારે સર્વ મિસરીઓ યૂસફની પાસે આવીને બોલ્યા, “અમને ખાવાનું આપ! શા માટે અમે તારી આગળ મરીએ? અમારી પાસે હવે નાણાં રહ્યાં નથી.”
संदर्भ में
१३उस सारे देश में खाने को कुछ न रहा; क्योंकि अकाल बहुत भारी था, और अकाल के कारण मिस्र और कनान दोनों देश नाश हो गए।
१४और जितना रुपया मिस्र और कनान देश में था, सब को यूसुफ ने उस अन्न के बदले, जो उनके निवासी मोल लेते थे इकट्ठा करके फ़िरौन के भवन में पहुँचा दिया।
१५जब मिस्र और कनान देश का रुपया समाप्त हो गया, तब सब मिस्री यूसुफ के पास आ आकर कहने लगे, “हमको भोजनवस्तु दे, क्या हम रुपये के न रहने से तेरे रहते हुए मर जाएँ?”
१६यूसुफ ने कहा, “यदि रुपये न हों तो अपने पशु दे दो, और मैं उनके बदले तुम्हें खाने को दूँगा।”
१७तब वे अपने पशु यूसुफ के पास ले आए; और यूसुफ उनको घोड़ों, भेड़-बकरियों, गाय-बैलों और गदहों के बदले खाने को देने लगा: उस वर्ष में वह सब जाति के पशुओं के बदले भोजन देकर उनका पालन-पोषण करता रहा।
