उत्पत्ति ४७:२७
इस्राएली मिस्र के गोशेन प्रदेश में रहने लगे; और वहाँ की भूमि उनके वश में थी , और वे फूले-फले, और अत्यन्त बढ़ गए।उत्पत्ति ४७:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 47:27
- Israel lived in the land of Egypt, in the land of Goshen; and they got themselves possessions therein, and were fruitful, and multiplied exceedingly.
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૪૭:૨૭
- ઇઝરાયલ અને તેનાં સંતાનો મિસર દેશના ગોશેનમાં રહ્યા. તેના લોકોએ ત્યાં માલમિલકત વસાવી. તેઓ સફળ થઈને બહુ વધ્યા.
संदर्भ में
२५उन्होंने कहा, “तूने हमको बचा लिया है; हमारे प्रभु के अनुग्रह की दृष्टि हम पर बनी रहे, और हम फ़िरौन के दास होकर रहेंगे।”
२६इस प्रकार यूसुफ ने मिस्र की भूमि के विषय में ऐसा नियम ठहराया, जो आज के दिन तक चला आता है कि पंचमांश फ़िरौन को मिला करे; केवल याजकों ही की भूमि फ़िरौन की नहीं हुई।
२७इस्राएली मिस्र के गोशेन प्रदेश में रहने लगे; और वहाँ की भूमि उनके वश में थी , और वे फूले-फले, और अत्यन्त बढ़ गए।
२८मिस्र देश में याकूब सत्रह वर्ष जीवित रहा इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई।
२९जब इस्राएल के मरने का दिन निकट आ गया, तब उसने अपने पुत्र यूसुफ को बुलवाकर कहा, “यदि तेरा अनुग्रह मुझ पर हो, तो अपना हाथ मेरी जाँघ के तले रखकर शपथ खा, कि तू मेरे साथ कृपा और सच्चाई का यह काम करेगा, कि मुझे मिस्र में मिट्टी न देगा ।
