उत्पत्ति ४७:२८
मिस्र देश में याकूब सत्रह वर्ष जीवित रहा इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई।उत्पत्ति ४७:२८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 47:28
- Jacob lived in the land of Egypt seventeen years. So the days of Jacob, the years of his life, were one hundred forty-seven years.
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૪૭:૨૮
- યાકૂબને મિસર દેશમાં આવ્યે સત્તર વર્ષ થયાં, તેની ઉંમરના વર્ષો એકસો સુડતાળીસ થયાં.
संदर्भ में
२६इस प्रकार यूसुफ ने मिस्र की भूमि के विषय में ऐसा नियम ठहराया, जो आज के दिन तक चला आता है कि पंचमांश फ़िरौन को मिला करे; केवल याजकों ही की भूमि फ़िरौन की नहीं हुई।
२७इस्राएली मिस्र के गोशेन प्रदेश में रहने लगे; और वहाँ की भूमि उनके वश में थी , और वे फूले-फले, और अत्यन्त बढ़ गए।
२८मिस्र देश में याकूब सत्रह वर्ष जीवित रहा इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई।
२९जब इस्राएल के मरने का दिन निकट आ गया, तब उसने अपने पुत्र यूसुफ को बुलवाकर कहा, “यदि तेरा अनुग्रह मुझ पर हो, तो अपना हाथ मेरी जाँघ के तले रखकर शपथ खा, कि तू मेरे साथ कृपा और सच्चाई का यह काम करेगा, कि मुझे मिस्र में मिट्टी न देगा ।
३०जब मैं अपने बापदादों के संग सो जाऊँगा, तब तू मुझे मिस्र से उठा ले जाकर उन्हीं के कब्रिस्तान में रखेगा।” तब यूसुफ ने कहा, “मैं तेरे वचन के अनुसार करूँगा।”
