यशायाह ४४:१५
तब वह मनुष्य के ईंधन के काम में आता है ; वह उसमें से कुछ सुलगाकर तापता है, वह उसको जलाकर रोटी बनाता है; उसी से वह देवता भी बनाकर उसको दण्डवत् करता है; वह मूरत खुदवाकर उसके सामने प्रणाम करता है।यशायाह ४४:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 44:15
- Then it will be for a man to burn; and he takes some of it and warms himself. Yes, he burns it and bakes bread. Yes, he makes a god and worships it; he makes it a carved image, and falls down to it.
- ગુજરાતી — યશાયા ૪૪:૧૫
- તે માણસને બળતણ તરીકે કામ લાગે છે અને તેમાંથી તાપે છે. હા, તેને સળગાવીને તેના પર રોટલી શેકે છે. વળી તેમાંથી તે દેવ બનાવીને તેને પ્રણામ કરે છે; તેની કોરેલી મૂર્તિ કરીને તે એને પગે લાગે છે.
संदर्भ में
१३बढ़ई सूत लगाकर टाँकी से रेखा करता है और रन्दनी से काम करता और परकार से रेखा खींचता है, वह उसका आकार और मनुष्य की सी सुन्दरता बनाता है ताकि लोग उसे घर में रखें।
१४वह देवदार को काटता या वन के वृक्षों में से जाति-जाति के बांज वृक्ष चुनकर देख-भाल करता है, वह देवदार का एक वृक्ष लगाता है जो वर्षा का जल पाकर बढ़ता है।
१५तब वह मनुष्य के ईंधन के काम में आता है ; वह उसमें से कुछ सुलगाकर तापता है, वह उसको जलाकर रोटी बनाता है; उसी से वह देवता भी बनाकर उसको दण्डवत् करता है; वह मूरत खुदवाकर उसके सामने प्रणाम करता है।
१६उसका एक भाग तो वह आग में जलाता और दूसरे भाग से माँस पकाकर खाता है, वह माँस भूनकर तृप्त होता; फिर तापकर कहता है, “अहा, मैं गर्म हो गया, मैंने आग देखी है!”
१७और उसके बचे हुए भाग को लेकर वह एक देवता अर्थात् एक मूरत खोदकर बनाता है; तब वह उसके सामने प्रणाम और दण्डवत् करता और उससे प्रार्थना करके कहता है, “मुझे बचा ले, क्योंकि तू मेरा देवता है!” (प्रेरि. 17:29)
