यशायाह ५:२५
इस कारण यहोवा का क्रोध अपनी प्रजा पर भड़का है, और उसने उनके विरुद्ध हाथ बढ़ाकर उनको मारा है, और पहाड़ काँप उठे; और लोगों की लोथें सड़कों के बीच कूड़ा सी पड़ी हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।यशायाह ५:२५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 5:25
- Therefore the LORD’s anger burns against his people, and he has stretched out his hand against them and has struck them. The mountains tremble, and their dead bodies are as refuse in the middle of the streets. For all this, his anger is not turned away, but his hand is still stretched out.
- ગુજરાતી — યશાયા ૫:૨૫
- તેથી યહોવાહનો કોપ પોતાના લોકો વિરુદ્ધ સળગ્યો છે અને તેઓના પર યહોવાહે હાથ ઉગામીને તેમને સજા કરી છે; પર્વતો ધ્રૂજ્યા અને લોકોના મૃત દેહ ગલીઓમાં કચરાની જેમ પડ્યા છે. તેમ છતાં, તેમનો ક્રોધ શાંત થયો નથી, પણ તેમનો હાથ હજી ઉગામેલો જ છે.
संदर्भ में
२३जो घूस लेकर दुष्टों को निर्दोष, और निर्दोषों को दोषी ठहराते हैं!
२४इस कारण जैसे अग्नि की लौ से खूँटी भस्म होती है और सूखी घास जलकर बैठ जाती है, वैसे ही उनकी जड़ सड़ जाएगी और उनके फूल धूल होकर उड़ जाएँगे; क्योंकि उन्होंने सेनाओं के यहोवा की व्यवस्था को निकम्मी जाना, और इस्राएल के पवित्र के वचन को तुच्छ जाना है।
२५इस कारण यहोवा का क्रोध अपनी प्रजा पर भड़का है, और उसने उनके विरुद्ध हाथ बढ़ाकर उनको मारा है, और पहाड़ काँप उठे; और लोगों की लोथें सड़कों के बीच कूड़ा सी पड़ी हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।
२६वह दूर-दूर की जातियों के लिये झण्डा खड़ा करेगा, और सीटी बजाकर उनको पृथ्वी की छोर से बुलाएगा; देखो, वे फुर्ती करके वेग से आएँगे!
२७उनमें कोई थका नहीं न कोई ठोकर खाता है; कोई उँघने या सोनेवाला नहीं, किसी का फेंटा नहीं खुला, और किसी के जूतों का बन्धन नहीं टूटा;
