यशायाह ५:२७
उनमें कोई थका नहीं न कोई ठोकर खाता है; कोई उँघने या सोनेवाला नहीं, किसी का फेंटा नहीं खुला, और किसी के जूतों का बन्धन नहीं टूटा;यशायाह ५:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 5:27
- No one shall be weary nor stumble among them; no one shall slumber nor sleep, neither shall the belt of their waist be untied, nor the strap of their sandals be broken,
- ગુજરાતી — યશાયા ૫:૨૭
- તેઓમાં કોઈ થાકેલો નથી, કોઈ ઠોકર ખાતો નથી; નથી કોઈ ઝોકાં ખાતો કે નથી કોઈ ઊંઘતો; કોઈનો કમરબંધ ઢીલો નથી, કે કોઈ પગરખાંની દોરી તૂટેલી નથી;
संदर्भ में
२५इस कारण यहोवा का क्रोध अपनी प्रजा पर भड़का है, और उसने उनके विरुद्ध हाथ बढ़ाकर उनको मारा है, और पहाड़ काँप उठे; और लोगों की लोथें सड़कों के बीच कूड़ा सी पड़ी हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।
२६वह दूर-दूर की जातियों के लिये झण्डा खड़ा करेगा, और सीटी बजाकर उनको पृथ्वी की छोर से बुलाएगा; देखो, वे फुर्ती करके वेग से आएँगे!
२७उनमें कोई थका नहीं न कोई ठोकर खाता है; कोई उँघने या सोनेवाला नहीं, किसी का फेंटा नहीं खुला, और किसी के जूतों का बन्धन नहीं टूटा;
२८उनके तीर शुद्ध और धनुष चढ़ाए हुए हैं, उनके घोड़ों के खुर वज्र के से और रथों के पहिये बवण्डर सरीखे हैं ।
२९वे सिंह या जवान सिंह के समान गरजते हैं; वे गुर्राकर अहेर को पकड़ लेते और उसको ले भागते हैं, और कोई उसे उनसे नहीं छुड़ा सकता।
