यशायाह ५५:११
उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा , और जिस काम के लिये मैंने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।यशायाह ५५:११ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 55:11
- so is my word that goes out of my mouth: it will not return to me void, but it will accomplish that which I please, and it will prosper in the thing I sent it to do.
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૫:૧૧
- તે પ્રમાણે મારું જે વચન મારા મુખમાંથી નીકળે છે: તે નિરર્થક પાછું ફરશે નહિ, પણ જે હું ચાહું છું તેને પરિપૂર્ણ કરશે અને જે માટે મેં તેને મોકલ્યું હતું તેમાં તે સફળ થશે.
संदर्भ में
९क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
१०“जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहाँ ऐसे ही लौट नहीं जाते, वरन् भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है, (2 कुरि. 9:10)
११उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा , और जिस काम के लिये मैंने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।
१२“क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुँचाए जाओगे; तुम्हारे आगे-आगे पहाड़ और पहाड़ियाँ गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएँगे।
१३तब भटकटैयों के बदले सनोवर उगेंगे; और बिच्छू पेड़ों के बदले मेंहदी उगेगी; और इससे यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।”
