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Methodist Church Nadiad
मैं मुँह के फल का सृजनहार हूँ; यहोवा ने कहा है, जो दूर और जो निकट हैं, दोनों को पूरी शान्ति मिले; और मैं उसको चंगा करूँगा। (इफि. 2:13,17, रोम. 2:39, इब्रा. 13:15)

यशायाह ५७:१९ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishIsaiah 57:19
I create the fruit of the lips: Peace, peace, to him who is far off and to him who is near,” says the LORD; “and I will heal them.”
ગુજરાતીયશાયા ૫૭:૧૯
અને હું હોઠોનાં ફળો ઉત્પન્ન કરીશ, જેઓ દૂર તથા પાસે છે તેઓને શાંતિ, શાંતિ થાઓ,” યહોવાહ કહે છે “તેઓને હું સાજા કરીશ.”

संदर्भ में

१७उसके लोभ के पाप के कारण मैंने क्रोधित होकर उसको दुःख दिया था, और क्रोध के मारे उससे मुँह छिपाया था; परन्तु वह अपने मनमाने मार्ग में दूर भटकता चला गया था।

१८मैं उसकी चाल देखता आया हूँ, तो भी अब उसको चंगा करूँगा; मैं उसे ले चलूँगा और विशेष करके उसके शोक करनेवालों को शान्ति दूँगा।

१९मैं मुँह के फल का सृजनहार हूँ; यहोवा ने कहा है, जो दूर और जो निकट हैं, दोनों को पूरी शान्ति मिले; और मैं उसको चंगा करूँगा। (इफि. 2:13,17, रोम. 2:39, इब्रा. 13:15)

२०परन्तु दुष्ट तो लहराते हुए समुद्र के समान है जो स्थिर नहीं रह सकता; और उसका जल मैल और कीच उछालता है। (यहू. 1:13)

२१दुष्टों के लिये शान्ति नहीं है, मेरे परमेश्वर का यही वचन है।”

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